भारतीय संसदीय समिति प्रणाली (Parliamentary Committee System) भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग है. संसद में प्रस्तुत होने वाले विधेयकों, नीतियों और सरकारी कार्यों की गहन जांच एवं समीक्षा के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया जाता है.
ये समितियां संसद के कार्यभार को कम करने के साथ-साथ शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और दक्षता सुनिश्चित करती हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, SSC, RRB, राज्य लोक सेवा आयोग तथा अन्य सामान्य ज्ञान परीक्षाओं में संसदीय समितियों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं.
संसदीय समितियां मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं—
स्थायी समितियां (Standing Committees) और तदर्थ समितियां (Ad Hoc Committees)।
स्थायी समितियां नियमित रूप से कार्य करती हैं, जबकि तदर्थ समितियों का गठन किसी विशेष उद्देश्य या विषय की जांच के लिए किया जाता है.
लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee –
PAC संसद की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में से एक है. इसका मुख्य कार्य नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों की जांच करना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी धन का उपयोग उचित तरीके से किया गया है. इसी प्रकार प्राक्कलन समिति (Estimates Committee) सरकारी खर्चों का मूल्यांकन करती है तथा वित्तीय सुधारों के सुझाव देती है.
लोक उपक्रम समिति (Committee on Public Undertakings) सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कार्यों की समीक्षा करती है. विभाग संबंधी स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों के कार्यों, बजट और नीतियों की जांच करती हैं. इन समितियों के माध्यम से संसद को विस्तृत जानकारी प्राप्त होती है और नीतिगत निर्णय अधिक प्रभावी बनते हैं.
भारतीय संविधान में संसदीय समितियों का प्रत्यक्ष उल्लेख बहुत सीमित है, लेकिन संसद के नियमों और प्रक्रियाओं के अंतर्गत इनका गठन किया जाता है.
समिति प्रणाली का मुख्य उद्देश्य संसद के कार्यों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाना है. समितियों की बैठकों में विस्तृत चर्चा होती है, विशेषज्ञों की राय ली जाती है और तथ्यों का गहन विश्लेषण किया जाता है.

संसदीय समितियां ( sansadiya samitiyo se sambandhit prashn ) लोकतांत्रिक शासन में जवाबदेही स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनके द्वारा सरकार के कार्यों पर सतत निगरानी रखी जाती है और प्रशासनिक कमियों को उजागर किया जाता है. यही कारण है कि इन्हें संसद की “मिनी संसद” भी कहा जाता है.
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से संसदीय समिति प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है. इस विषय से समिति के प्रकार, गठन, कार्यकाल, अध्यक्ष, सदस्यों की संख्या तथा विभिन्न समितियों के कार्यों से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं. इसलिए अभ्यर्थियों को इस विषय का गहन अध्ययन करना चाहिए.
इस लेख में दिए गए “टॉप 45 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर” ( sansadiya samitiyo se sambandhit prashn ) संसदीय समिति प्रणाली की संपूर्ण समझ विकसित करने में सहायक होंगे. यदि आप UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे या किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह सामग्री आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी.
तो लिए अब हम बात करते हैं भारतीय संसदीय समितियां से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर के बारे में.
संसदीय समितियां से संबंधित प्रश्न उत्तर
Q 1. भारत में नई संसदीय समिति प्रणाली की शुरुआत कब हुई?
Ans. 1991 ई. में
Q 2. भारत में संसदीय समिति प्रणाली की शुरुआत निम्नलिखित में से किसकी सिफारिश पर किया गया?
Ans. संसद की नियम समिति
Q 3. संसदीय समिति प्रणाली के तहत 12 अप्रैल, 1993 से कितने समितियों ने कार्य करना शुरू किया?
Ans. 17
Q 4. संसद की कितने प्रकार की समितियां होती हैं?
Ans. उपर्युक्त दोनों (स्थायी समिति और तदर्थ समिति)
Q 5. निम्नलिखित में कौन स्थायी समिति है?
Ans. उपर्युक्त सभी (प्राक्कलन समिति, लोक लेखा समिति और नियम समिति)
Q 6. निम्नलिखित में से कौन तदर्थ समिति है?
Ans. प्रवर समिति
Q 7. किस समिति को स्थायी मितव्ययिता समिति भी कहा जाता है?
Ans. प्राक्कलन समिति
Q 8. प्राक्कलन समिति में कितने सदस्य होते हैं?
Ans. 30
Q 9. 30 सदस्यीय प्राक्कलन समिति संसद के किस सदन की समिति है?
Ans. लोकसभा की
Q 10. निम्नलिखित में से कौन सी एक सबसे बड़ी संसदीय समिति है?
Ans. प्राक्कलन समिति
(UPSC 2014; UPPCS 2020)
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Q 11. प्राक्कलन समिति का क्या कार्य है?
Ans. उपर्युक्त में b और c दोनों (देश की आर्थिक स्थिति पर संसद में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करना और संसद प्राक्कलनों के प्रस्तुत करने के प्रारूप के विषय पर सिफारिश करना)
Q 12. प्राक्कलन समिति के सदस्य–
Ans. लोकसभा के सदस्यों में से ही चुने जाते हैं
Q 13. निम्नलिखित में से कौन-सी संसदीय समिति में राज्यसभा का कोई सदस्य नहीं होता ?
Ans. प्राक्कलन समिति
(SSC 2019)
Q 14. निम्नलिखित से में संसद की वह स्थायी समिति कौन-सी है जिसमें राज्यसभा के सदस्य शामिल नहीं होते हैं?
Ans. प्राक्कलन समिति
Q 15. संसदीय समितियों के गठन का उद्देश्य है —
Ans. उपर्युक्त सभी (विधि निर्माण की प्रक्रिया को तेज करना, तकनीकी और उलझे हुए विधेयकों पर विशेष रूप से विचार करना और संसद के सदनों द्वारा विचार करने के पूर्व विधेयक का परीक्षण करना)
sansadiya samitiyo se sambandhit prashn
Q 16. ”संयुक्त संसदीय समिति” में कितने सदस्य होते हैं?
Ans. 45
Q 17. संयुक्त संसदीय समिति में लोकसभा तथा राज्यसभा के सदस्यों की संख्या क्रमशः होती है
Ans. 30, 15
Q 18. कुल 17 संसदीय समितियों में से कितने समितियों के अध्यक्ष लोकसभा के सदस्य होते हैं?
Ans. 11
Q 19. ”संयुक्त प्रवर समिति” में कितने सदस्य होते हैं?
Ans. 45
Q 20. संयुक्त प्रवर समिति में लोकसभा एवं राज्यसभा के सदस्यों की संख्या क्रमशः कितनी होती है?
Ans. 30, 15

Q 21. निम्न में से कौन समिति विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए समय का निर्धारण करती है?
Ans. कार्य सलाहकार समिति
Q 22. निम्न में से कौन-सा सार्वजनिक व्यय पर संसदीय नियंत्रण का अंग नहीं है?
Ans. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
(Utt. PCS 2005)
Q 23. भारत में संसद की वित्तीय समितियाँ निम्नलिखित में से कौन-सी है?
Ans. 1, 2 तथा 3 (लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति और लोक उपक्रम समिति)
(SSC 2008)
Q 24. भारतीय महानियंत्रक और महालेखा परीक्षक किसके लिए एक मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है?
Ans. लोक लेखा समिति
(SSC 2014)
Q 25. निम्नलिखित में से कौन विषयगत समिति है?
Ans. उपर्युक्त सभी (कृषि समिति, पर्यावरण एवं वन समिति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समिति)
Q 26. निम्नलिखित में से किस समिति में लोकसभा के 15 एवं राज्यसभा के 7 सदस्य होते हैं?
Ans. उपर्युक्त सभी (सरकारी उपक्रम समिति, लोक लेखा समिति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समिति)
Q 27. निम्नलिखित में से किस समिति का सदस्य कोई मंत्री नहीं हो सकता है?
Ans. उपर्युक्त सभी (प्राक्कलन समिति, लोक लेखा समिति और सरकारी उपक्रम समिति)
Q 28. लोकसभाध्यक्ष किस समिति का पदेन अध्यक्ष होता है?
Ans. नियम समिति
Q 29. विधेयकों पर प्रवर समितियों में सदस्यों की अधिकतम संख्या कितनी तक हो सकती है?
Ans. कोई निश्चित नहीं (नोट: प्रवर समिति में सदस्यों की संख्या निश्चित नहीं होती, यह सदन तय करता है।)
Q 30. अनुसूचित जाति और जनजातियों की कल्याण सम्बन्धी समिति में लोकसभा एवं राज्यसभा के क्रमशः कितने सदस्य होते हैं?
Ans. 20, 10
भारतीय संसदीय समिति प्रणाली: टॉप 45 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
Q 31. संसद के समितियों के सदस्य–
Ans. अध्यक्ष द्वारा नियुक्त किए जाते हैं अथवा सदन द्वारा अपने सदस्यों के मध्य से निर्वाचित किए जाते हैं।
Q 32. निम्नलिखित में से संसदीय समितियों के सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित कौन-सा कथन सही है?
Ans. लोकसभा अध्यक्ष अथवा राज्यसभा सभापति द्वारा लाए गए तथा स्वीकृत किए गए प्रस्ताव के आधार पर अथवा नामांकन के आधार पर सदस्यों की नियुक्ति की जाती है अथवा सदस्यों का चयन किया जाता है
(NDA 2020)
Q 33. “प्राक्कलन समिति” के सदस्य—
Ans. केवल लोकसभा से चुने जाते हैं।
(SSC 2007)
Q 34. लोक लेखा समिति में कितने सदस्य हैं?
Ans. 22
(SSC 2015)
Q 35. लोक लेखा समिति में लोकसभा एवं राज्यसभा के क्रमशः कितने-कितने सदस्य होते हैं?
Ans. 15, 7
Q 36. लोक लेखा समिति के सदस्य —
Ans. संसद के दोनों सदनों में से चुने जाते हैं
Q 37. लोक लेखा समिति में—-
Ans. 15 सदस्य लोकसभा से तथा 7 सदस्य राज्यसभा से लिए जाते हैं
Q 38. भारत में संसदीय समितियों में से निम्न में से कौन-सी एक विभागीय व्यय और अनियमितताओं पर निगरानी रखने के लिए “रखवाले कुत्ते का कार्य” करती है?
Ans. लोक लेखा समिति
Q 39. सार्वजनिक लोक लेखा समिति में राज्यसभा के कितने सदस्य होते हैं?
Ans. 7
Q 40. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कौन समिति कार्य करती है?
Ans. लोक लेखा समिति
Q 41. परम्परा के अनुसार निम्न में से किस समिति के अध्यक्ष पद पर विरोधी दल के संसद सदस्य को नियुक्त किया जाता है?
Ans. लोक लेखा समिति
Q 42. किस संसदीय समिति को प्राक्कलन समिति की जुड़वां बहन कहा जाता है?
Ans. लोक लेखा समिति
Q 43. निम्नलिखित में वह प्राधिकारी कौन-सा है जो भारत की समेकित निधि से राज्यों के राजस्व सहायता अनुदान पर लागू होनेवाले सिद्धान्तों की सिफारिश करता है?
Ans. लोक लेखा समिति (संविधान के अनुसार यह कार्य मुख्य रूप से वित्त आयोग का है, परन्तु विकल्प अनुसार यहाँ लोक लेखा समिति उत्तर है।)
Q 44. संसद की कौन-सी समिति नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्टों (प्रतिवेदनों) की समीक्षा करती है?
Ans. लोक लेखा समिति
Q 45. लोक लेखा समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करती है
Ans. लोकसभा के अध्यक्ष को
(BPSC 2011, JPSC 2011, CGPSC 2012)
निष्कर्ष (Conclusion)
भारतीय संसदीय समिति प्रणाली संसद के सुचारू एवं प्रभावी संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. ये समितियां सरकारी नीतियों, योजनाओं और वित्तीय मामलों की गहन जांच करके शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित करती हैं. संसदीय समितियों के माध्यम से संसद को विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं विशेषज्ञतापूर्ण जानकारी प्राप्त होती है, जिससे बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलती है.
आशा है कि इस लेख में दिए गए भारतीय संसदीय समिति प्रणाली: टॉप 45 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर , sansadiya samitiyo se sambandhit prashn आपके ज्ञान को मजबूत करने और परीक्षा की तैयारी को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे. यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे अपने मित्रों एवं अन्य प्रतियोगी अभ्यर्थियों के साथ अवश्य share करें.