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दोस्तों आज हम आपके लिए लेकर आए हैं मध्यकालीन भारतीय इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर. medieval indian history top 100 gk mcqs hindi.
तो दोस्तों लिए शुरू करते हैं आज के हमारे यह तो प्रश्न उत्तर medieval indian history top 100 gk mcqs hindi.
अगर आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो मध्यकालीन भारतीय इतिहास पर अच्छी पकड़ बनाना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
इस विषय में कई ऐसे सवाल पूछे जाते हैं, जो ऐतिहासिक घटनाओं, प्रमुख शासकों, युद्धों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और धार्मिक आंदोलनों से जुड़े होते हैं। अगर आपने इन तथ्यों को अच्छी तरह समझ लिया, तो परीक्षा में ऐसे प्रश्नों को हल करना आसान हो सकता है।
इस article में हम मध्यकालीन भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। साथ ही, नीचे दिए गए 100 GK MCQs की मदद से आप अपनी तैयारी को परख सकते हैं और परीक्षा से पहले पूरे विषय का रिवीज़न भी कर सकते हैं।
मध्यकालीन भारतीय इतिहास पढ़ना क्यों जरूरी है?
मध्यकालीन भारत का इतिहास भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस काल में कई शक्तिशाली राजवंशों का उदय हुआ, नए साम्राज्य बने और भारतीय समाज, संस्कृति, कला तथा स्थापत्य में कई बदलाव देखने को मिले.
इस काल को समझने के लिए दिल्ली सल्तनत, मुगल साम्राज्य, राजपूत राज्यों, विजयनगर साम्राज्य, मराठा शक्ति और भक्ति-सूफी आंदोलनों जैसे विषयों का अध्ययन करना जरूरी है.
प्रतियोगी परीक्षाओं में इन विषयों से जुड़े प्रश्न कभी सीधे तथ्यों पर आधारित होते हैं, तो कभी किसी शासक की नीति, युद्ध या ऐतिहासिक घटना के बारे में पूछे जाते हैं। इसलिए केवल तारीखें याद करना पर्याप्त नहीं है। घटनाओं के पीछे की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।
मध्यकालीन इतिहास के किन विषयों पर ज्यादा ध्यान दें?
1. दिल्ली सल्तनत
दिल्ली सल्तनत के पांच प्रमुख वंशों—गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी—से जुड़े प्रश्न अक्सर अभ्यास में शामिल किए जाते हैं। कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रजिया सुल्तान, बलबन और अलाउद्दीन खिलजी जैसे शासकों के कार्यों को अच्छी तरह पढ़ें। अलाउद्दीन खिलजी की बाजार व्यवस्था और मुहम्मद बिन तुगलक की योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दें।
2. मुगल साम्राज्य
बाबर, हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब के शासनकाल की प्रमुख घटनाओं को क्रम से याद करें। पानीपत के युद्ध, अकबर की मनसबदारी व्यवस्था, धार्मिक नीतियों और मुगलकालीन स्थापत्य कला से संबंधित प्रश्नों का भी अभ्यास करें।
3. भक्ति और सूफी आंदोलन
कबीर, गुरु नानक, चैतन्य महाप्रभु, मीराबाई और अन्य संतों की शिक्षाओं को समझें। इसके साथ ही चिश्ती और सुहरावर्दी जैसे सूफी सिलसिलों के प्रमुख संतों तथा उनकी विचारधारा के बारे में भी पढ़ें।
4. स्थापत्य कला और साहित्य
कुतुबमीनार, लाल किला, ताजमहल और अन्य प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण, संरक्षकों और विशेषताओं को याद रखें। अमीर खुसरो, अबुल फजल और अन्य साहित्यकारों की प्रमुख रचनाओं से जुड़े प्रश्न भी उपयोगी हैं।
5. क्षेत्रीय राज्य और मराठा शक्ति
विजयनगर साम्राज्य, बहमनी राज्य, राजपूत शासकों और मराठा शक्ति के उदय से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाओं का अध्ययन करें। इन विषयों को पढ़ते समय प्रमुख शासकों, युद्धों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर ध्यान देना न भूलें।
मध्यकालीन इतिहास की तैयारी कैसे करें?
इतिहास को बेहतर तरीके से याद रखने के लिए पढ़ाई का एक आसान तरीका अपनाया जा सकता है।
● टाइमलाइन बनाएं: प्रमुख शासकों, युद्धों और ऐतिहासिक घटनाओं को वर्ष के क्रम में लिखें। इससे घटनाओं को याद रखना आसान होगा।
● तुलना करके पढ़ें: अलग-अलग शासकों की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच अंतर समझें।
● व्याख्या के साथ प्रश्न हल करें: केवल सही विकल्प याद करने के बजाय यह जानने की कोशिश करें कि वह उत्तर सही क्यों है।
● गलतियों को नोट करें: अभ्यास के दौरान जिन प्रश्नों के उत्तर गलत हों, उन्हें अलग से लिखकर दोबारा पढ़ें।
● नियमित रिवीज़न करें: हर सप्ताह पुराने प्रश्नों को फिर से हल करें, ताकि महत्वपूर्ण तथ्य लंबे समय तक याद रहें।
ये 100 GK MCQs आपकी तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
मध्यकालीन भारतीय इतिहास के इन 100 बहुविकल्पीय प्रश्नों , medieval indian history top 100 gk mcqs hindi का उद्देश्य आपको महत्वपूर्ण तथ्यों का अभ्यास कराना और विषय को दोहराने में मदद करना है।
प्रश्नों के साथ दी गई सरल हिंदी की व्याख्या से आप उत्तर के पीछे का कारण भी समझ सकेंगे.
यह अभ्यास Competitive Exams की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकता है। आप पहले सभी प्रश्नों को बिना उत्तर देखे हल करें। इसके बाद सही उत्तर और व्याख्या पढ़ें। इससे आपको अपनी तैयारी का स्तर समझने और कमजोर विषयों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
medieval indian history top 100 gk mcqs hindi
Q 1. ”तुगलकनामा” के रचनाकार का नाम है—
( A ) बरनी
( B ) इसामी
( C ) गुलबदन बेगम
( D ) अमीर खुसरो [ D ]
( BPSC 1995 )
व्याख्या:— ‘तुगलकनामा’ अमीर खुसरो की अंतिम ऐतिहासिक मसनवी है, जिसमें गयासुद्दीन तुगलक के शासनकाल और खुसरो शाह पर उसकी विजय का विस्तृत विवरण मिलता है।
Q 2. भारत में मुहम्मद गोरी ने किसको प्रथम अक्ता प्रदान किया था?
( A ) ताजुद्दीन यल्दोज
( B ) कुतुबुद्दीन ऐबक
( C ) शम्सुद्दीन इल्तुतमिश
( D ) नासिरुद्दीन कुबाचा [ B ]
( BISC 1994 )
व्याख्या:— 1191 ई. में तराइन के प्रथम युद्ध के बाद मुहम्मद गोरी ने कुतुबुद्दीन ऐबक को कोहराम और समाना का प्रशासन (प्रथम अक्ता) सौंपा था। आगे चलकर ऐबक भारत में गुलाम वंश का संस्थापक बना।
Q 3. किस सुल्तान के काल में खालिसा भूमि अधिक पैमाने पर विकसित हुई?
( A ) गयासुद्दीन बलबन
( B ) अलाउद्दीन खल्जी
( C ) मुहम्मद बिन तुगलक
( D ) फिरोजशाह तुगलक [ B ]
( BPSC 1994 )
व्याख्या:— अलाउद्दीन खल्जी ने राजस्व सुधारों के तहत अमीरों, अधिकारियों तथा धार्मिक अनुदान में दी गई अधिकांश भूमि (मिल्क, वक्फ, इनाम) को जब्त करके सीधे केंद्रीय नियंत्रण वाली खालिसा भूमि में परिवर्तित कर दिया था।
Q 4. सल्तनत काल के सिक्के ”टंका”, “शशगनी” एवं “जीतल” — किन धातुओं के बने थे?
( A ) चाँदी, चाँदी, तांबा
( B ) सोना, चाँदी, तौबा
( C ) चाँदी, जस्ता, ताँबा
( D ) सोना, जस्ता, ताँबा [ A ]
( BPSC 1994 )
व्याख्या:— सल्तनत काल में ‘टंका’ चाँदी का सिक्का (175 ग्रेन), ‘जीतल’ ताँबे का सिक्का तथा ‘शशगनी’ फिरोजशाह तुगलक द्वारा प्रचलित 6 जीतल के बराबर चाँदी का सिक्का था।
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Q 5. “अमीर कोही” (कृषि विभाग) नामक एक विभाग किस सुल्तान द्वारा शुरु किया गया था?
( A ) अलाउद्दीन खल्जी
( B ) फिरोज तुगलक
( C ) मुहम्मद बिन तुगलक
( D ) सिकदर लोदी [ C ]
( JPSC 2003 )
व्याख्या:— मुहम्मद बिन तुगलक ने कृषि के विस्तार, फसल चक्र प्रणाली अपनाने और किसानों को ‘सोंधर’ (कृषि ऋण) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘दीवान-ए-अमीर-ए-कोही’ की स्थापना की थी।
Q 6. अमीर खुसरो ने किसके विकास में अग्रगामी की भूमिका निभाई?
( A ) ब्रजभाषा
( B ) अवधी
( C ) खड़ी बोली
( D ) भोजपुरी [ C ]
( UPPCS 2002 )
व्याख्या:— अमीर खुसरो को खड़ी बोली (हिन्दवी) का पहला लोकप्रिय कवि माना जाता है। उन्होंने अपनी पहेलियों, मुकरियों और दोहों के माध्यम से खड़ी बोली को साहित्यिक रूप प्रदान किया।
Q 7. तैमूर लंग ने किसके शासनकाल में भारत पर आक्रमण किया?
( A ) अलाउद्दीन खल्जी
( B ) बहलोल लोदी
( C ) फिरोज तुगलक
( D ) नासिरुद्दीन महमूद तुगलक [ D ]
( UPPCS 2002 )
व्याख्या:— मध्य एशिया के मंगोल आक्रांता तैमूर लंग ने 1398 ई. में तुगलक वंश के अंतिम शासक नासिरुद्दीन महमूद शाह के शासनकाल में दिल्ली पर भयंकर आक्रमण और कत्लेआम किया था।
Q 8. सल्तनत काल की दो प्रमुख मुद्राओं का पता निम्नलिखित कूट से करें: 1. दाम 2. जीतल 3. रुपिया 4. टंका
( A ) 1 और 2
( B ) 1 और 3
( C ) 2 और 3
( D ) 2 और 4 [ D ]
( UPPCS 2001 )
व्याख्या:— इल्तुतमिश ने शुद्ध अरबी पद्धति पर आधारित दो प्रमुख सिक्के ‘टंका’ (चाँदी) और ‘जीतल’ (ताँबा) जारी किए थे। जबकि ‘दाम’ और ‘रुपिया’ का प्रचलन बाद में शेरशाह सूरी ने करवाया था।
Q 9. भारत में पोलो खेल का प्रचलन किया—
( A ) यूनानियों ने
( B ) अंग्रेजों ने
( C ) तुर्कों ने
( D ) मुगलों ने [ C ]
( UPPCS 2001 )
व्याख्या:— भारत में पोलो (चौगान) का खेल तुर्कों के आगमन के साथ लोकप्रिय हुआ। 1210 ई. में गुलाम वंश का संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक लाहौर में चौगान खेलते समय ही घोड़े से गिरकर मारा गया था।
Q 10. किसने एक तरफ संस्कृत मुद्रालेख के साथ चाँदी के सिक्के निर्गत किये?
( A ) मुहम्मद-बिन-कासिम
( B ) महमूद गजनवी
( C ) शेरशाह
( D ) अकबर [ B ]
( UPPCS 2000 )
व्याख्या:— महमूद गजनवी ने लाहौर से चाँदी के दिरहम सिक्के जारी किए, जिनके एक तरफ अरबी लिपि में कलमा तथा दूसरी तरफ शारदा (संस्कृत) लिपि में ‘अव्यक्तमेकं मुहम्मद अवतार नृपति महमूद’ अंकित था।
Q 11. “जवाबित” थे—
( A ) कृषि संबंधित कानून
( B ) राज्य कानून
( C ) हिन्दुओं से संबंधित मामले
( D ) इनमें से कानून कोई नहीं [ B ]
( UPPCS 1997 )
व्याख्या:— सल्तनत काल में ‘जवाबित’ उन धर्मनिरपेक्ष राज्य नियमों अथवा प्रशासनिक कानूनों को कहा जाता था, जिन्हें सुल्तान द्वारा व्यावहारिक प्रशासन चलाने के लिए शरीयत के अतिरिक्त लागू किया जाता था।
Q 12. तौल की सबसे छोटी इकाई कौन है?
( A ) रत्ती (रक्तिका-संस्कृत)
( B ) माशा
( C ) तोला (तोलक-संस्कृत)
( D ) द्रोण [ A ]
( UPPCS 1996 )
व्याख्या:— प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत में भार मापन की सबसे छोटी आधारभूत इकाई ‘रत्ती’ (गुंजा का बीज) थी। लगभग 8 रत्ती बराबर 1 माशा तथा 12 माशा बराबर 1 तोला होता था।
Q 13. प्रसिद्ध कवि अमीर खुसरो दरबार में रहे—
( A ) अलाउद्दीन खल्जी के
( B ) इल्तुतमिश के
( C ) मुहम्मद बिन तुगलक के
( D ) कुतुबुद्दीन ऐबक के [ A ]
( UPPCS 1996; Utt. PSC 2002; MPPSC 2013; SSC 2014 )
व्याख्या:— अमीर खुसरो ने दिल्ली सल्तनत के कई सुल्तानों का काल देखा, किंतु वे सबसे लंबे समय तक अलाउद्दीन खल्जी के राजकवि और दरबारी के रूप में रहे तथा उसके अभियानों का आंखों देखा विवरण लिखा।
Q 14. किसने सल्तनत काल में प्रचलित डाक व्यवस्था का विस्तृत विवरण दिया है?
( A ) अमीर खुसरो
( B ) फरिश्ता
( C ) इब्नबतूता
( D ) जियाउद्दीन बरनी [ C ]
( Utt. PSC 2002 )
व्याख्या:— मोरक्को के प्रसिद्ध यात्री इब्नबतूता ने अपने यात्रा वृतांत ‘रेहला’ में मुहम्मद बिन तुगलक के समय की अश्व डाक व्यवस्था (उलूक) तथा पैदल डाक व्यवस्था (धावा) का सजीव वर्णन किया है।
Q 15. तैमूर लंग ने किस वर्ष में भारत पर आक्रमण किया?
( A ) 1210 ईo
( B ) 1398 ईo
( C ) 1492 ईo
( D ) 1526 ईo [ B ]
( MPPSC 2005 )
व्याख्या:— तैमूर लंग ने दिसंबर 1398 ई. में दिल्ली सल्तनत पर आक्रमण किया। उसने सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद को पराजित कर दिल्ली में भीषण लूटपाट और नरसंहार किया था।
Q 16. दिल्ली के किस मुस्लिम शासक के निधन पर इतिहासकार बदायूंनी ने कहा, “राजा को अपनी प्रजा से तथा प्रजा को अपने राजा से मुक्ति मिली”?
( A ) बलबन
( B ) मुहम्मद बिन तुगलक
( C ) अलाउद्दीन खल्जी
( D ) शेरशाह [ B ]
( MPPSC 1997; UPSC 1999 )
व्याख्या:— मुहम्मद बिन तुगलक की अत्यधिक कठोर नीतियों और असफल प्रयोगों के कारण जनता व सुल्तान के बीच लगातार तनाव रहा। 1351 ई. में थट्टा में उसकी मृत्यु पर बदायूंनी ने यह प्रसिद्ध टिप्पणी की थी।
Q 17. दिल्ली के सुल्तान बलबन का पूरा नाम ……. बलबन था।
( A ) जलालुद्दीन
( B ) इल्तुतमिश
( C ) गयासुद्दीन
( D ) कुतुबुद्दीन [ C ]
( CPSC 2005 )
व्याख्या:— बलबन का मूल नाम बहाउद्दीन था। 1266 ई. में दिल्ली की गद्दी पर बैठते समय उसने ‘गयासुद्दीन बलबन’ नाम से अपना राज्याभिषेक करवाया था।
Q 18. कौन सा सुल्तान नया धर्म चलाना चाहता था, किन्तु उलेमाओं ने विरोध किया?
( A ) बलबन
( B ) अलाउद्दीन खल्जी
( C ) मुहम्मद बिन तुगलक
( D ) इल्तुतमिश [ B ]
( CPSC 2003 )
व्याख्या:— अलाउद्दीन खल्जी पैगंबर की भांति एक नवीन धर्म शुरू करना चाहता था, परंतु उसके मित्र और दिल्ली के कोतवाल अलाउल मुल्क की सलाह पर उसने यह विचार त्याग दिया।
Q 19. दिल्ली में कौन सा ऐतिहासिक स्मारक भारतीय तथा फारसी वास्तुकला शैली का उदाहरण है?
( A ) कुतुब मीनार
( B ) लोदी का मकबरा
( C ) हुमायूं का मकबरा
( D ) लाल किला [ C ]
( RAS / RTS 2003 )
व्याख्या:— दिल्ली में स्थित हुमायूं का मकबरा भारतीय (राजपूताना/इंडो) और फारसी वास्तुकला शैली का उत्कृष्ट संगम है। यह चारबाग पद्धति पर आधारित दोहरे गुंबद वाला पहला भव्य मुगल मकबरा है।

Q 20. दिल्ली का सुल्तान, जो दान दक्षिणा के बारे में काफी ध्यान रखता था और इसके लिए एक विभाग “दीवान-ए-खैरात” (दान विभाग) स्थापित किया, वह था
( A ) इल्तुतमिश
( B ) फिरोज तुगलक
( C ) गयासुद्दीन शाह
( D ) बहलोल लोदी [ B ]
( RAS/ RTS 1999-2000 )
व्याख्या:— फिरोजशाह तुगलक ने गरीब मुस्लिम परिवारों, अनाथों और विधवाओं की आर्थिक सहायता तथा निर्धन कन्याओं के विवाह के लिए ‘दीवान-ए-खैरात’ विभाग का गठन किया था।
Q 21. निम्न में से किस संगीत वाद्य को हिन्दू-मुस्लिम गान वाद्यों का सबसे श्रेष्ठ मिश्रण माना गया है?
( A ) वीणा
( B ) ढोलक
( C ) सारंगी
( D ) सितार [ D ]
( RAS / RTS 1999-2000 )
व्याख्या:— सितार को भारतीय वीणा और ईरानी तम्बूरा के सम्मिश्रण से विकसित माना जाता है। इस वाद्य यंत्र के आविष्कार का श्रेय मध्यकालीन कवि व संगीतज्ञ अमीर खुसरो को दिया जाता है।
Q 22. नयी फारसी काव्य शैली “सबक-ए-हिन्दी’ अथवा हिन्दुस्तानी” शैली के जन्मदाता थे—
( A ) जियाउद्दीन बरनी
( B ) अफीफ
( C ) इसामी
( D ) अमीर खुसरो [ D ]
( RAS / RTS 1999-2000 )
व्याख्या:— अमीर खुसरो ने फारसी भाषा में भारतीय विषयों, शब्दों और मुहावरों का समावेश कर ‘सबक-ए-हिन्दी’ (भारतीय शैली) नाम से एक नई काव्य शैली की शुरुआत की थी।
Q 23. चंगेज खाँ के अधीन मंगोलों ने किसके शासनकाल में भारत पर आक्रमण किया?
( A ) बलबन
( B ) फीरोज तुगलक
( C ) इल्तुतमिश
( D ) मुहम्मद बिन तुगलक [ C ]
( UPSC 2001; NDA 2006 )
व्याख्या:— 1221 ई. में मंगोल आक्रांता चंगेज खाँ ख्वारिज्म के राजकुमार जलालुद्दीन मांगबर्नी का पीछा करते हुए सिंधु नदी तक आ पहुँचा था। इल्तुतमिश ने मांगबर्नी को शरण न देकर दिल्ली सल्तनत को मंगोल विनाश से बचा लिया था।
Q 24. निम्नलिखित युग्मों में कौन-सा सही रूप में सुमेलित है?
( A ) दीवान-ए-बंदगान – तुगलक
( B ) दीवान-ए-मुस्तखराज – बलबन
( C ) दीवान ए-कोही – अलाउद्दीन खल्जी
( D ) दीवान-ए-अर्ज – मुहम्मद तुगलक [ A ]
( UPPSC 2001 )
व्याख्या:— दासों की देखरेख के लिए ‘दीवान-ए-बंदगान’ विभाग की स्थापना फिरोजशाह तुगलक ने की थी। (दीवान-ए-मुस्तखराज अलाउद्दीन खल्जी ने, दीवान-ए-कोही मुहम्मद तुगलक ने तथा दीवान-ए-अर्ज बलबन ने स्थापित किया था)।
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Q 25. सल्तनत काल में ”फवाजिल” का अर्थ था—
( A ) अभिजात वर्ग को दिया जानेवाला अतिरिक्त भुगतान
( B ) वेतन के बदले में निर्धारित मालगुजारी
( C ) इक्तादारों द्वारा सरकारी खजाने में जमा की जानेवाली अधिशेष राशि
( D ) कृषकों से की जानेवाली गैर कानूनी जबरी वसूली [ C ]
( UPSC 1998 )
व्याख्या:— सल्तनत काल में इक्तादारों (मुक्तियों) को अपने क्षेत्र से राजस्व वसूलने के बाद अपने प्रशासनिक व सैन्य खर्च काटकर जो शेष अतिरिक्त धन केंद्रीय राजकोष में जमा करना होता था, उसे ‘फवाजिल’ कहा जाता था।
Q 26. दिल्ली का सुल्तान, जो भारत में नहरों के सबसे बड़े जाल का निर्माण करने के लिए प्रसिद्ध है, वह था
( A ) इल्तुतमिश
( B ) गयासुद्दीन तुगलक
( C ) फीरोजशाह तुगलक
( D ) सिकंदर लोदी [ C ]
( UPSC 1998 )
व्याख्या:— भारत में नहर निर्माण की शुरुआत गयासुद्दीन तुगलक ने की थी, परंतु फिरोजशाह तुगलक ने सिंचाई सुधार हेतु यमुना और सतलज से कई बड़ी नहरें निकलवाकर नहरों का एक विशाल जाल बिछाया था।
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Q 27. कथन (A) प्रारंभ में, भारत में तुर्की प्रशासन सैनिक प्रधान था।
कारण (R): अग्रणी सैनिक नायकों के बीच देश को इक्ता के रूप में खण्ड विभाजित कर दिया गया था।
( A ) A और R दोनों सही है तथा R, A की सही व्याख्या करता है
( B ) A और R दोनों सही है, किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं करता है
( C ) A सही है, किन्तु R गलत है
( D ) A गलत है, किन्तु R सही है [ A ]
( UPSC 1998 )
व्याख्या:— आरंभिक सल्तनत काल में सल्तनत का अस्तित्व सैन्य शक्ति पर निर्भर था। साम्राज्य को प्रशासनिक व सैनिक नियंत्रण के लिए विभिन्न सैनिक कमांडरों में ‘इक्ता’ के रूप में बांटा गया था, अतः कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की पुष्टि करता है।
Q 28. अपनी शक्ति को समेकित करने के बाद बलबन ने भव्य उपाधि धारण की—
( A ) तूती-ए हिन्द
( B ) कैसर-ए-हिन्द
( C ) जिल्ल-ए-इलाही
( D ) दीन-ए-इलाही [ C ]
( UPSC 1997 )
व्याख्या:— बलबन ने अपने राजत्व सिद्धांत को सुदृढ़ करने और जनता के मन में सुल्तान का भय स्थापित करने के लिए स्वयं को ‘नियाबत-ए-खुदाई’ (ईश्वर का प्रतिनिधि) और ‘जिल्ल-ए-इलाही’ (ईश्वर की छाया) घोषित किया था।
Q 29. निम्नलिखित में से किसने भारत का सबसे पुराना मकबरा – नासिरुद्दीन महमूद का मकबरा, सुल्तानगढ़ी/ दिल्ली का निर्माण करवाया और “मकबरा निर्माण शैली का जन्मदाता” होने का गौरव पाया?
( A ) बलबन
( B ) कुतुबुद्दीन ऐबक
( C ) इल्तुतमिश
( D ) इनमें से कोई नहीं [ C ]
व्याख्या:— इल्तुतमिश ने 1231 ई. में दिल्ली में अपने ज्येष्ठ पुत्र नासिरुद्दीन महमूद की स्मृति में ‘सुल्तानगढ़ी का मकबरा’ बनवाया था। भारत में प्रथम मकबरा निर्माण कराने के कारण इल्तुतमिश को मकबरा निर्माण शैली का जन्मदाता कहा जाता है।
Q 30. इल्तुतमिश द्वारा बनवाया गया अतारकीन का दरवाजा, जो कि अकबर के बुलंद दरवाजा का प्रेरणा-स्रोत बना, स्थित है
( A ) दिल्ली में
( B ) अजमेर में
( C ) लाहौर में
( D ) नागौर / जोधपुर में [ D ]
व्याख्या:— इल्तुतमिश ने राजस्थान के नागौर में सूफी संत शेख हमीदुद्दीन नागौरी की स्मृति में ‘अतारकीन का दरवाजा’ बनवाया था। इसी भव्य प्रवेश द्वार की स्थापत्य कला से प्रेरित होकर अकबर ने फतेहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा बनवाया था।
Q 31. किसने 40 तुर्की सरदारों को लेकर “तुर्कान ए-चिहलगानी” या “चालीसा दल” का गठन किया?
( A ) ऐबक
( B ) इल्तुतमिश
( C ) बलबन
( D ) रजिया [ B ]
व्याख्या:— इल्तुतमिश ने अपने साम्राज्य की प्रशासनिक स्थिरता और वफादार सरदारों का एक सुदृढ़ तंत्र तैयार करने के उद्देश्य से 40 तुर्क अमीरों के गुट ‘तुर्कान-ए-चिहलगानी’ (चालीसा दल) की स्थापना की थी।
Q 32. निम्नलिखित में से कौन राजदरबार में बलबन का सर्वप्रमुख प्रतिद्वन्द्वी था?
( A ) इमामुद्दीन रैहान
( B ) किश्लु खाँ
( C ) जफर खाँ
( D ) इल्तुतमिश [ A ]
व्याख्या:— इमामुद्दीन रैहान एक भारतीय मूल का धर्मांतरित मुस्लिम अमीर था, जिसने सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद के समय बलबन के प्रभाव को समाप्त कर कुछ समय के लिए सत्ता पर अपना एकाधिकार बना लिया था।
Q 33. निम्नलिखित में से किसने चहलगानी/ चालीसा दल का पूर्णतः सफाया कर दिया?
( A ) बलबन
( B ) इल्तुतमिश
( C ) रजिया
( D ) अलाउद्दीन खल्जी [ A ]
व्याख्या:— बलबन स्वयं चालीसा दल का सदस्य रह चुका था और वह तुर्क अमीरों की सत्ता लोलुपता से भली-भांति परिचित था। सुल्तान बनने पर राजसत्ता को निरंकुश बनाने के लिए उसने इस दल के सभी सरदारों को विष देकर या समाप्त करके इस गुट का अंत कर दिया।
Q 34. किसके राज्यकाल में लखनौती (बंगाल की राजधानी) में तुगरिल खाँ का विद्रोह और दमन हुआ?
( A ) इल्तुतमिश
( B ) बलबन
( C ) अलाउद्दीन खल्जी
( D ) इनमें से कोई नहीं [ B ]
व्याख्या:— 1279 ई. में बंगाल के सूबेदार तुगरिल खाँ ने बलबन के विरुद्ध विद्रोह कर स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर दिया था। बलबन ने स्वयं बंगाल अभियान कर तुगरिल खाँ का वध किया और विद्रोह का नृशंसतापूर्वक दमन किया।
Q 35. राजशेखर एवं जिनप्रभा सूरि जैसे जैन विद्वानों को किस सुल्तान ने राजकीय सरंक्षण दिया?
( A ) गयासुद्दीन तुगलक
( B ) अलाउद्दीन खल्जी
( C ) मुहम्मद बिन तुगलक
( D ) फिरोज तुगलक [ C ]
व्याख्या:— मुहम्मद बिन तुगलक धार्मिक मामलों में अत्यधिक उदार और जिज्ञासु था। उसने प्रसिद्ध जैन संतों जिनप्रभा सूरि और राजशेखर को अपने दरबार में सम्मानित किया और उनके साथ दार्शनिक विचार-विमर्श किया था।
Q 36. किस सुल्तान ने 24 कष्टदायक करों के स्थान पर केवल 4 कर लगाए?
( A ) गयासुद्दीन तुगलक
( B ) मुहम्मद बिन तुगलक
( C ) फिरोजशाह तुगलक
( D ) इनमें से कोई नहीं [ C ]
व्याख्या:— फिरोजशाह तुगलक ने इस्लामिक शरीयत के नियमों का पालन करते हुए जनता पर लगे 24 गैर-शरई करों (आबवाब) को समाप्त कर दिया और केवल चार मान्य कर—खराज (लगान), खुम्स (युद्ध की लूट), जजिया और जकात ही लागू रखे।
Q 37. निम्नलिखित में से किसने सेना को नकद वेतन देने की व्यवस्था समाप्त कर ”वजेह” (भूमिकर वसूलने का अधिकार) या ”इतलाक” (धनादेश के लिए पत्र) के माध्यम से वेतन भुगतान का आदेश दिया?
( A ) अलाउद्दीन खल्जी
( B ) बलबन
( C ) फिरोज तुगलक
( D ) गयासुद्दीन तुगलक [ C ]
व्याख्या:— अलाउद्दीन खल्जी की नकद वेतन प्रणाली को पलटते हुए फिरोजशाह तुगलक ने सेना को वंशानुगत बनाया और सैनिकों को वेतन के बदले भूमि राजस्व अधिकार पत्र (‘वजेह’ व ‘इतलाक’) देना प्रारंभ किया।
Q 38. किस सुल्तान ने अपनी आत्मकथा (फतूहात ए फिरोजशाही) लिखी?
( A ) बलबन
( B ) अलाउद्दीन खल्जी
( C ) फिरोज तुगलक
( D ) मुहम्मद बिन तुगलक [ C ]
व्याख्या:— दिल्ली सल्तनत में फिरोजशाह तुगलक एकमात्र ऐसा सुल्तान था जिसने फारसी भाषा में अपनी आत्मकथा ‘फतूहात-ए-फिरोजशाही’ लिखी, जिसमें उसने अपने लोक-कल्याणकारी कार्यों और धार्मिक नीतियों का उल्लेख किया है।
Q 39. किस सुल्तान ने ”हासिल-ए शर्ब” / ”हक-ए-शर्ब” (सिंचाई कर) नामक एक नया कर लगाया
( A ) फिरोज तुगलक
( B ) गयासुद्दीन खल्जी
( C ) मुहम्मद बिन तुगलक
( D ) अलाउद्दीन खल्जी [ A ]
व्याख्या:— फिरोजशाह तुगलक ने राज्य द्वारा निर्मित नहरों से सिंचाई करने वाले किसानों पर उलेमाओं की सहमति से ‘हक-ए-शर्ब’ (सिंचाई कर) लगाया, जो उपज का लगभग 1/10 भाग होता था।
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Q 40. फिरोज तुगलक द्वारा स्थापित दार उल-शफा क्या था?
( A ) एक दानशाला
( B ) एक खैराती अस्पताल
( C ) तीर्थ यात्रियों के लिए एक अतिथि गृह
( D ) एक पुस्तकालय [ B ]
( UPPCS 2013 )
व्याख्या:— फिरोजशाह तुगलक ने दिल्ली में निर्धन और बीमार नागरिकों के निःशुल्क उपचार तथा दवाओं के लिए एक खैराती अस्पताल बनवाया था, जिसे ‘दार-उल-शफा’ कहा जाता था।
Q 41. जौनपुर राज्य का अंतिम शासक कौन था?
( A ) मुहम्मद शाह
( B ) हुसैन शाह
( C ) मुबारक शाह
( D ) इब्राहिम शाह [ B ]
( UPSC 2017 )
व्याख्या:— जौनपुर के शर्की साम्राज्य का अंतिम सुल्तान हुसैन शाह शर्की था। बहलोल लोदी ने हुसैन शाह को पराजित कर 1479 ई. में जौनपुर को पुनः दिल्ली सल्तनत में मिला लिया था।
Q 42. बहमनी राजाओं की राजधानी थी—
( A ) गुलबर्गा
( B ) बीजापुर
( C ) बेलगाम
( D ) रायचूर [ A ]
( SSC 2002 )
व्याख्या:— 1347 ई. में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (हसन गंगू) ने बहमनी सल्तनत की नींव रखी और गुलबर्गा (अहसानाबाद) को अपनी पहली राजधानी बनाया। बाद में शहाबुद्दीन अहमद प्रथम ने राजधानी बीदर स्थानांतरित की थी।
Q 43. विजयनगर के महान साम्राज्य के अवशेष कहाँ पाए जाते है?
( A ) बीजापुर में
( B ) गोलकुण्डा में
( C ) हम्पी में
( D ) बडौदा में [ C ]
( SSC 2001, 2002; RRB 2004 )
व्याख्या:— विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी (तुंगभद्रा नदी के तट पर, कर्नाटक) में स्थित थी। वर्तमान में यूनेस्को की यह विश्व धरोहर स्थल उस काल के भव्य मंदिरों और महलों के खंडहरों को समेटे हुए है।
Q 44. विजयनगर का प्रथम शासक कौन था जिसने पुर्तगालियों के साथ संधि की?
( A ) बुक्का
( B ) देवराय II
( C ) कृष्णदेव राय
( D ) हरिहर [ C ]
( SSC 2001 )
व्याख्या:— तुलुव वंश के सम्राट कृष्णदेव राय ने पुर्तगाली गवर्नर अल्बुकर्क के साथ व्यापारिक संधि की, जिससे विजयनगर को अरब व फारसी घोड़ों की निर्बाध आपूर्ति का एकाधिकार प्राप्त हुआ था।
Q 45. किसने बीजापुर में स्थित गोल गुम्बज का निर्माण किया जो विश्व का दूसरा बड़ा गुम्बज है और अपने मर-मरस्रावी गैलरी (Whispering Gallery) के लिए प्रसिद्ध है?
( A ) मुहम्मद रसान
( B ) यूसूफ आदिलशाह
( C ) इस्माइल आदिलशाह
( D ) मुहम्मद आदिलशाह [ D ]
( SSC 2000 )
व्याख्या:— बीजापुर के सुल्तान मुहम्मद आदिल शाह ने अपना विशाल मकबरा ‘गोल गुम्बज’ बनवाया। यह गुंबद बिना किसी खंभे के सहारे खड़ा है और इसकी ध्वनिक दीर्घा (व्हिस्परिंग गैलरी) में हल्की फुसफुसाहट भी कई बार गूंजती है।
Q 46. कृष्णदेव राय किसके समकालीन थे?
( A ) हुमायू
( B ) बाबर
( C ) अकबर
( D ) शेरशाह [ B ]
( SSC 1999, RRB 2004 )
व्याख्या:— कृष्णदेव राय (1509–1529 ई.) मुगल सम्राट बाबर (1526–1530 ई.) के समकालीन थे। बाबर ने अपनी आत्मकथा ‘बाबरनामा’ में कृष्णदेव राय को भारत का सबसे शक्तिशाली हिंदू शासक बताया है।
Q 47. हम्पी, तिरुवनमले, चिदम्बरम, श्रीरंगम, तिरुपति आदि मंदिरों के सामने की ओर बने हुए “रायगोपुरम” का निर्माता कौन था?
( A ) विद्यारण्य
( B ) कृष्णदेव राय
( C ) हरिहर
( D ) राजराजा [ B ]
( SSC 2002 )
व्याख्या:— कृष्णदेव राय ने दक्षिण भारत के कई प्रसिद्ध मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया और उनके प्रवेश द्वारों पर विशाल और कलात्मक गोपुरम बनवाए, जिन्हें सम्मान स्वरूप ‘रायगोपुरम’ कहा जाता है।
Q 48. विजयनगर साम्राज्य का पहला राजवंश संगम राजवंश के नाम से जाना जाता है, क्योंकि—
( A ) यह तमिल संगम की महानता से प्रेरित था
( B ) विजयनगर तुंगभद्रा एवं कृष्णा के संगम पर स्थित था
( C ) हरिहर एवं बुक्का के पिता का नाम संगम था
( D ) हरिहर एवं बुक्का ने राज्य स्थापना के उपलक्ष्य में कवियों का एक बड़ा संगम का आयोजन किया था [ C ]
व्याख्या:— विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक हरिहर प्रथम एवं बुक्का राय प्रथम थे। उन्होंने अपने पिता ‘संगम’ के नाम पर ही अपने नए राजवंश का नाम ‘संगम राजवंश’ रखा था।
Q 49. हरिहर एवं बुक्का ने जिस संत के प्रभाव में आकर विजयनगर राज्य की स्थापना की, उसका नाम था—
( A ) माधव विद्यारण्य
( B ) मध्वाचार्य
( C ) रामानुजाचार्य
( D ) निम्बार्काचार्य [ A ]
व्याख्या:— मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा इस्लाम में धर्मान्तरित किए गए दोनों भाइयों (हरिहर और बुक्का) को उनके गुरु संत माधव विद्यारण्य और उनके भाई सायण ने पुनः हिंदू धर्म में दीक्षित कर 1336 ई. में विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की प्रेरणा दी थी।
Q 50. विजयनगर का अपने स्थापना से लेकर पतन तक किस राज्य के साथ संघर्ष चलता रहा?
( A ) कालीकट से
( B ) पुर्तगालियों से
( C ) बहमनी राज्य से
( D ) पाण्ड्यो से [ C ]
व्याख्या:— 1347 ई. में बहमनी राज्य के उदय के बाद से ही कृष्णा और तुंगभद्रा के उपजाऊ दोआब (रायचूर दोआब) तथा व्यापारिक क्षेत्रों पर नियंत्रण को लेकर विजयनगर और बहमनी (तथा उसके उत्तराधिकारी राज्यों) के बीच अनवरत युद्ध चलता रहा।
भारतीय इतिहास से संबंधित 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
Q 51. विजयनगर – बहमनी संघर्ष का आरंभ किसके शासनकाल में आरंभ हुआ?
( A ) हरिहर एवं बुक्का
( B ) देवराय I
( C ) देवराय II
( D ) कृष्णदेव राय [ A ]
व्याख्या:— विजयनगर के संस्थापक हरिहर और बुक्का के समय ही 1347 ई. में दक्षिण में बहमनी साम्राज्य की स्थापना हुई थी। तभी से कृष्णा-तुंगभद्रा दोआब को लेकर दोनों साम्राज्यों में संघर्ष शुरू हो गया था।
Q 52. कौन-सा स्थान विजयनगर साम्राज्य में गलीचा निर्माण के लिए प्रसिद्ध था?
( A ) पुलीकट
( B ) विजयनगर
( C ) कालीकट
( D ) वारंगल [ C ]
( RRB 2006 )
व्याख्या:— मध्यकालीन भारत में पश्चिमी तट पर स्थित कालीकट बंदरगाह अपने उत्कृष्ट सूती वस्त्रों (कैलिको) और उच्च गुणवत्ता वाले गलीचा/कालीनों के निर्माण व निर्यात के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात था।
Q 53. मीनाक्षी मंदिर कहाँ स्थित है?
( A ) महाबलिपुरम
( B ) मदुरई
( C ) चेन्नई
( D ) कोलकाता [ B ]
( RRB 2005 ; UPPCS 2003-2004 )
व्याख्या:— मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर तमिलनाडु के मदुरई शहर में वैगई नदी के तट पर स्थित है। यह द्रविड़ वास्तुकला, भव्य गोपुरमों और देवी पार्वती (मीनाक्षी) तथा भगवान शिव को समर्पित होने के लिए प्रसिद्ध है।
Q 54. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना कब हुई थी?
( A ) 16 वीं सदी
( B ) 15 वीं सदी
( C ) 14 वीं सदी
( D ) 13 वीं सदी [ C ]
( RRB 2005 )
व्याख्या:— विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में हरिहर और बुक्का द्वारा की गई थी। वर्ष 1336 ईस्वी 14वीं शताब्दी के अंतर्गत आता है।
Q 55. कृष्णदेव राय राजा थे—
( A ) बहमनी
( B ) चोल
( C ) विजयनगर
( D ) पल्लव [ C ]
( RRB 2003 )
व्याख्या:— कृष्णदेव राय विजयनगर साम्राज्य के तुलुव वंश के तीसरे और सर्वाधिक प्रतापी सम्राट थे, जिन्होंने 1509 ई. से 1529 ई. तक शासन किया।
Q 56. चारमीनार का निर्माण किसने कराया था?
( A ) हैदर अली
( B ) टीपू सुल्तान
( C ) कुली कुतुबशाह
( D ) औरंगजेब [ C ]
( RRB 2005 )
व्याख्या:— हैदराबाद में चारमीनार का निर्माण 1591 ई. में गोलकुंडा के कुतुबशाही वंश के पांचवें सुल्तान मुहम्मद कुली कुतुबशाह ने शहर में प्लेग महामारी के उन्मूलन की स्मृति में करवाया था।
Q 57. गोलकुण्डा कहाँ अवस्थित है?
( A ) बीजापुर
( B ) हैदराबाद
( C ) मैसूर
( D ) चेन्नई [ B ]
( RRB 2004 )
व्याख्या:— प्रसिद्ध ऐतिहासिक दुर्ग और कुतुबशाही सल्तनत की प्राचीन राजधानी गोलकुंडा वर्तमान तेलंगाना राज्य की राजधानी हैदराबाद के समीप स्थित है, जो अपने हीरों के व्यापार (कोहिनूर हीरा) के लिए विख्यात था।
Q 58. हम्पी का खुला संग्रहालय किस राज्य में है?
( A ) कर्नाटक
( B ) राजस्थान
( C ) आंध्र प्रदेश
( D ) तमिलनाडु [ A ]
( RRB 2004 )
व्याख्या:— हम्पी कर्नाटक राज्य के विजयनगर (पूर्व में बेल्लारी) जिले में तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित है। यह अपने विशाल स्मारकों और मंदिरों के खंडहरों के कारण एक खुले संग्रहालय जैसा प्रतीत होता है।
Q 59. किस संगमवंशी शासक को ”प्रौढ़ देवराय” भी कहा जाता था?
( A ) हरिहर II
( B ) देवराय I
( C ) देवराय II
( D ) मल्लिकार्जुन [ C ]
( RRB 2004 )
व्याख्या:— संगम वंश के महानतम शासक देवराय द्वितीय को उनकी योग्यता और विशाल उपलब्धियों के कारण ‘प्रौढ़ देवराय’ और हाथियों के शिकारी की संज्ञा ‘गजभेटकर’ की उपाधियाँ दी गई थीं।
Q 60. बीजापुर का गोल गुम्बज किसका मकबरा है?
( A ) आदिलशाह I
( B ) मुहम्मद आदिलशाह
( C ) ताज सनेटावा
( D ) इनमें से कोई नहीं [ B ]
( RRB 2004 )
व्याख्या:— बीजापुर (कर्नाटक) स्थित गोल गुम्बज बीजापुर सल्तनत के आदिलशाही शासक मुहम्मद आदिल शाह का मकबरा है, जिसका निर्माण फारसी वास्तुकार याकूत ने कराया था।
Q 61. विजयनगर साम्राज्य अपने उद्भव के लिए आभारी है—
( A ) कृष्णदेव राय का
( B ) हरिहर एवं बुक्का का
( C ) बालाजी विश्वनाथ का
( D ) राजराजा चोल का [ B ]
( RRB 2003,2005 )
व्याख्या:— विजयनगर साम्राज्य की नींव 1336 ई. में दो भाइयों—हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम ने मिलकर रखी थी। उन्होंने ही दक्षिण भारत में तुगलक शासन के विरुद्ध इस शक्तिशाली हिंदू राज्य का गठन किया।
Q 62. चारमीनार स्थित है—
( A ) हैदराबाद में
( B ) अहमदनगर में
( C ) अहमदाबाद में
( D ) सीकरी में [ A ]
( RRB 2003,2004 )
व्याख्या:— चारमीनार तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में मूसी नदी के पूर्वी तट पर स्थित एक विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक और स्थापत्य स्मारक है।
Q 63. प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल हम्पी किस जिले में स्थित है?
( A ) बीजापुर
( B ) बेल्लारी
( C ) गुलबर्गा
( D ) रायचुर [ B ]
( RRB 2004 )
व्याख्या:— ऐतिहासिक स्थल हम्पी पारंपरिक रूप से कर्नाटक के बेल्लारी जिले के अंतर्गत आता था (वर्तमान में इसे बेल्लारी से अलग कर नए गठित ‘विजयनगर’ जिले में शामिल किया गया है)।
Q 64. बुक्का I के शासनकाल में मदुरा सल्तनत का विलय विजयनगर साम्राज्य में हुआ। मदुरा विजय का श्रेय किसे है?
( A ) बुक्का l के पुत्र कम्पन (कम्पराय) को
( B ) बुक्का I की पुत्रवधू गंगादेवी को
( C ) बुक्का I के द्वितीय पुत्र हरिहर II को
( D ) बुक्का I को [ A ]
व्याख्या:— बुक्का प्रथम के पुत्र कुमार कम्पन ने मदुरई सल्तनत पर सफल सैन्य अभियान करके उसे पराजित किया और विजयनगर में मिलाया। इस अभियान का वर्णन उनकी पत्नी गंगादेवी ने ‘मधुराविजयम’ में किया है।
Q 65. मुस्लिमों को सेना में नियुक्त करनेवाला विजयनगर का प्रथम शासक था —
( A ) देवराय I
( B ) देवराय II
( C ) कृष्णदेव राय
( D ) सालुव नरसिंह [ A ]
व्याख्या:— बहमनी सेना के कुशल धनुर्धरों और घुड़सवारों का मुकाबला करने के लिए संगम वंशीय शासक देवराय प्रथम ने पहली बार मुस्लिम सैनिकों और धनुर्धरों को अपनी सेना में बड़े पैमाने पर भर्ती करना शुरू किया था।
Q 66. निम्नलिखित कौन सा क्षेत्र विजयनगर के शासकों और बहमनी के सुल्तानों के मध्य विवाद का विषय नहीं था?
( A ) कृष्णा-तुंगभद्रा का दोआब क्षेत्र
( B ) गोदावरी-कृष्णा का डेल्टा क्षेत्र
( C ) मराठवाड़ा का कोंकण आदि क्षेत्र
( D ) वारंगल का क्षेत्र [ D ]
( NDA 2002 )
व्याख्या:— कृष्णा-तुंगभद्रा दोआब, कृष्णा-गोदावरी डेल्टा और कोंकण क्षेत्र हमेशा विजयनगर और बहमनी के सीधे टकराव के मुख्य कारण रहे, जबकि वारंगल का क्षेत्र दोनों के बीच एक बफर (मध्यस्थ) राज्य के रूप में स्थित था।
Q 67. निम्नलिखित में से विजयनगर राज्य का प्रथम राजवंश कौन-सा था?
( A ) होयसल
( B ) संगमा
( C ) सालुव
( D ) तुलुव [ B ]
( CDS 2004 )
व्याख्या:— विजयनगर साम्राज्य पर क्रमशः चार राजवंशों ने शासन किया: संगम वंश (1336–1485 ई.), सालुव वंश (1485–1505 ई.), तुलुव वंश (1505–1570 ई.) और अराविदु वंश (1570–1649 ई.)। अतः प्रथम राजवंश ‘संगम’ था।
Q 68. विजयनगर के किस शासक की उपाधि “गजबेतकर” थी?
( A ) देवराय I
( B ) देवराय II
( C ) कृष्णदेव राय
( D ) इनमें से कोई नहीं [ B ]
व्याख्या:— संगम वंश के प्रतापी राजा देवराय द्वितीय ने हाथियों के समान बलशाली होने और हाथियों के शिकार में निपुण होने के कारण ‘गजभेटकर’ (हाथियों का शिकारी) की उपाधि धारण की थी।
Q 69. विजयनगर के किस शासक ने अपनी सेना में मुसलमानों की भर्ती किया, उन्हें जागीरे प्रदान की, एक मस्जिद का निर्माण करवाया तथा जो कुरान की एक प्रति अपने राजसिंहासन के सामने रखा करता था, वह था
( A ) देवराय I
( B ) देवराय II
( C ) कृष्णदेव राय
( D ) इनमें से कोई नहीं [ B ]
व्याख्या:— देवराय द्वितीय ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए तुर्क व मुस्लिम तीरंदाजों को बड़े पैमाने पर शामिल किया, उन्हें जागीरें दीं, राजधानी में मस्जिद बनवाई और उनके सम्मान के लिए सिंहासन के सामने कुरान रखवाई।
Q 70. विजयनगर के किस शासक ने बीदर के सुल्तान के रूप में महमूद शाह को पुनर्स्थापित करने के उपलक्ष्य में “यवनराज्यस्थापनाचार्य” की उपाधि धारण की?
( A ) देवराय I
( B ) देवराय II
( C ) कृष्णदेव राय
( D ) इनमें से कोई नहीं [ C ]
व्याख्या:— सम्राट कृष्णदेव राय ने बीदर पर विजय प्राप्त करने के बाद वहाँ के अपदस्थ बहमनी सुल्तान महमूद शाह को कैद से मुक्त कराकर पुनः गद्दी पर बैठाया और ‘यवनराज्यस्थापनाचार्य’ (मुस्लिम राज्य को पुनर्स्थापित करने वाला) की उपाधि ली।
Q 71. किस विजयनगर सम्राट् ने उम्मातूर के विद्रोही सामंत गंगराय का दमन किया?
( A ) कृष्णदेव राय
( B ) देवराय I
( C ) देवराय II
( D ) अच्युतदेव राय [ A ]
व्याख्या:— 1510–1512 ई. के दौरान कृष्णदेव राय ने कावेरी नदी के तट पर स्थित उम्मातूर (कर्नाटक) के विद्रोही सामंत गंगराय को पराजित कर शिवसमुद्रम दुर्ग पर अधिकार किया था।
Q 72. कृष्णदेव राय के शासनकाल में पहली बार विजयनगर और पुर्तगालियों के साथ मैत्री संबंध स्थापित हुआ। इसका क्या परिणाम हुआ/ हुए?
( A ) विजयनगर को घोड़े की पूर्ति का एकाधिकार मिला
( B ) पुर्तगालियों को व्यापारिक सुविधाएँ मिली
( C ) अनेक पुर्तगाली व्यापारियों व यात्रियों ने विजयनगर का भ्रमण पर आए
( D ) उपर्युक्त सभी [ D ]
व्याख्या:— पुर्तगाली गवर्नर अल्बुकर्क से मित्रता के कारण विजयनगर को उच्च नस्ल के अरबी घोड़ों की निरंतर आपूर्ति मिली, पुर्तगालियों को भटकल में व्यापारिक कोठियां खोलने की छूट मिली और डोमिंगो पायस व बारबोसा जैसे यात्री विजयनगर आए।
Q 73. विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय ने गोलकुंडा का युद्ध किस राजा के साथ लड़ा था?
( A ) कुली कुतुब शाह
( B ) कुतुबुद्दीन ऐबक
( C ) इस्माइल आदिल शाह
( D ) प्रतापरुद्र गजपति [ A ]
( BPSC 1999 )
व्याख्या:— गोलकुंडा के कुतुबशाही वंश के संस्थापक कुली कुतुब शाह ने जब विजयनगर के सीमावर्ती क्षेत्रों पर आक्रमण किया, तब कृष्णदेव राय ने उसे युद्ध में बुरी तरह पराजित किया था।
Q 74. विजयनगर के उस पहले शासक की पहचान करें जिसने बहमनियों से गोआ को छीना?
( A ) हरिहर I
( B ) हरिहर II
( C ) बुक्का I
( D ) देवराय II [ B ]
( BPSC 1995 )
व्याख्या:— संगम वंश के शासक हरिहर द्वितीय (1377–1404 ई.) ने ‘महाराजाधिराज’ की उपाधि ली और बहमनी सुल्तानों को पराजित कर गोवा, चोल और दाभोल जैसे पश्चिमी समुद्री बंदरगाहों को अपने अधिकार में लिया।
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Q 75. विजयनगर साम्राज्य के वित्तीय व्यवस्था की मुख्य विशेषता क्या थी?
( A ) अधिशेष लगान
( B ) भूराजस्व
( C ) बंदरगाहों से आमदनी
( D ) मुद्रा प्रणाली [ B ]
( BPSC 1994 )
व्याख्या:— विजयनगर साम्राज्य की आय का मुख्य स्रोत भू-राजस्व (शिष्ट/कदमई) था। भूमि की उर्वरता और उपज के आधार पर राज्य सामान्यतः उत्पादन का 1/6 भाग कर के रूप में वसूलता था।
Q 76. ”अठवण” का क्या मतलब है?
( A ) भूराजस्व विभाग
( B ) भूराजस्व
( C ) आयात कर
( D ) वाणिज्य कर [ A ]
( JPSC 2002 )
व्याख्या:— विजयनगर साम्राज्य के केंद्रीय शासन में भू-राजस्व विभाग या लगान लेखा विभाग को ‘अठवण’ (अथवाने) कहा जाता था।
Q 77. वह युग्म, जो सुमेलित नहीं है, को इंगित कीजिए—
( A ) बाज बहादुर – मालवा
( B ) कुतुबशाह – गोलकुंडा
( C ) सुल्तान मुजफ्फर शाह – गुजरात
( D ) युसूफ आदिल शाह – अहमदनगर [ D ]
( UPPCS 2004 )
व्याख्या:— यूसुफ आदिल शाह ने 1489 ई. में ‘बीजापुर’ के आदिलशाही राजवंश की स्थापना की थी, जबकि अहमदनगर में ‘निजामशाही’ वंश की स्थापना मलिक अहमद ने की थी।
Q 78. कृष्णदेव राय के दरबार में अष्टदिग्गज कौन थे?
( A ) आठ मंत्री
( B ) आठ तेलुगू कवि
( C ) आठ महान सेनापति
( D ) आठ परामर्शदाता [ B ]
( UPPCS 2003, RAS/ RTS 2010 )
व्याख्या:— सम्राट कृष्णदेव राय के दरबार को सुशोभित करने वाले आठ सर्वश्रेष्ठ तेलुगू कवियों और विद्वानों को ‘अष्टदिग्गज’ कहा जाता था, जिनमें अल्लासानी पेद्दन्ना और तेनाली रामकृष्ण प्रमुख थे।
Q 79. शर्की सुल्तानों के शासनकाल में निम्न स्थानों में से किसे ”पूर्व का शीराज” या ”शीराज-ए-हिन्द” कहा जाता था?
( A ) आगरा
( B ) दिल्ली
( C ) जौनपुर
( D ) वाराणसी [ C ]
( UPPCS 2000 , UPPCS 2008 )
व्याख्या:— शर्की राजवंश के शासनकाल में जौनपुर शिक्षा, इस्लामी संस्कृति, साहित्य और कला का महान केंद्र बन गया था, जिसके कारण इसे ‘शीराज-ए-हिन्द’ (भारत का शीराज) की उपाधि दी गई थी।
Q 80. कल्हण की “राजतरंगिनी”, जिसे सही अर्थों में पहला ऐतिहासिक ग्रंथ होने का गौरव प्राप्त है, को किसने आगे बढ़ाया?
( A ) बिल्हण एवं मेरुतुंग
( B ) बिल्हण एवं मम्मट
( C ) जोनराज एवं मेरुतुंग
( D ) जोनराज एवं श्रीवर [ D ]
( UPPCS 2000 )
व्याख्या:— 12वीं सदी में कल्हण द्वारा रचित कश्मीर के इतिहास ‘राजतरंगिणी’ को आगे बढ़ाने का कार्य सुल्तान जैनुल आबिदीन के संरक्षण में इतिहासकार जोनराज और उसके बाद उनके शिष्य श्रीवर ने किया था।
Q 81. अपनी “मदुरा विजय” या ”वीर कम्पराय चरित” कृति में अपने पति के विजय अभियानों का वर्णन करनेवाली कवयित्री थी
( A ) भारती
( B ) गंगा देवी
( C ) वरदम्बिका
( D ) विज्जिका [ B ]
( UPPCS 2000 )
व्याख्या:— विजयनगर के राजकुमार कुमार कम्पन की विदुषी पत्नी गंगा देवी ने संस्कृत महाकाव्य ‘मधुराविजयम’ की रचना कर अपने पति द्वारा मदुरई सल्तनत को जीतकर विजयनगर में मिलाने का सुंदर वर्णन किया है।
Q 82. बहमनी राज्य की स्थापना की थी—
( A ) अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (हसन गंगू) ने
( B ) अली आदिल शाह ने
( C ) हुसैन निजाम शाह
( D ) मुजाहिद शाह ने [ A ]
( Utt. PSC 2002, BPSC 2017 )
व्याख्या:— मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में 1347 ई. में इस्माइल मख के त्यागपत्र के बाद जफर खाँ उर्फ हसन गंगू ने ‘अलाउद्दीन हसन बहमन शाह’ के नाम से दक्षिण में स्वतंत्र बहमनी सल्तनत की स्थापना की थी।
Q 83. वैदिक ग्रंथों के प्रसिद्ध भाष्यकार सायण निम्न में से किस एक काल में सक्रिय थे?
( A ) चोल राज्यकाल
( B ) गुप्त राज्यकाल
( C ) सातवाहन राज्यकाल
( D ) विजयनगर राज्यकाल [ D ]
( UTT. PSC 2002 )
व्याख्या:— वेदों पर प्रामाणिक भाष्य लिखने वाले महान विद्वान सायण विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक राजाओं (हरिहर प्रथम, बुक्का प्रथम और हरिहर द्वितीय) के समकालीन तथा दरबारी मंत्री थे।
Q 84. 1565 ईo में कौन-सा प्रसिद्ध युद्ध हुआ?
( A ) पानीपत का प्रथम युद्ध
( B ) खानवा का युद्ध
( C ) पानीपत का द्वितीय युद्ध
( D ) तालीकोटा का युद्ध [ D ]
( MPPSC 1997 )
व्याख्या:— 23 जनवरी 1565 को तालीकोटा (राक्षस-तांगड़ी/बन्नीहट्टी) का युद्ध विजयनगर साम्राज्य और दक्कन की चार मुस्लिम सल्तनतों (बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर, बीदर) के संयुक्त मोर्चे के बीच हुआ, जिसमें विजयनगर पराजित हुआ और नष्ट हो गया।
Q 85. कश्मीर का शासक, जो ”कश्मीर का अकबर” नाम से जाना जाता है, वह है
( A ) शम्सुद्दीन शाह
( B ) सिकंदर बुतशिकन
( C ) हैदरशाह
( D ) जैनुल आबिदीन [ D ]
( RAS/ RTS 1993 )
व्याख्या:— कश्मीर के सुल्तान जैनुल आबिदीन ने अपनी धार्मिक सहिष्णुता, जजिया कर हटाने, गो-हत्या पर प्रतिबंध लगाने तथा साहित्य और नहर निर्माण को बढ़ावा देने के कारण ‘कश्मीर का अकबर’ कहा जाता है।
Q 86. कृष्णदेव राय ने ”आमुक्तमाल्यद” (काव्य) की रचना किस भाषा में की?
( A ) संस्कृत
( B ) तमिल
( C ) तेलुगू
( D ) कन्नड़ [ C ]
व्याख्या:— कृष्णदेव राय स्वयं उच्च कोटि के विद्वान थे। उन्होंने तेलुगू भाषा में प्रसिद्ध राजनीतिक व प्रशासनिक महाकाव्य ‘आमुक्तमाल्यद’ तथा संस्कृत में ‘जांबवती कल्याणम’ नाटक की रचना की थी।
Q 87. कृष्णदेव राय का राजकवि था—
( A ) पेद्दन्ना
( B ) तिम्मया
( C ) तेनाली रामकृष्ण
( D ) इनमें से कोई नहीं [ A ]
व्याख्या:— अष्टदिग्गजों में सर्वप्रमुख अल्लासानी पेद्दन्ना कृष्णदेव राय के राजकवि थे। उन्हें ‘आंध्र कविता पितामह’ की उपाधि प्राप्त थी तथा उन्होंने ‘मनुचरितम्’ की रचना की थी।
Q 88. इनमें से किसे ”आंध्रभोज” भी कहा जाता है?
( A ) कृष्णदेव राय
( B ) राजेन्द्र चोल
( C ) हरिहर
( D ) बुक्का [ A ]
( JPSC 2013 )
व्याख्या:— साहित्य, कला और विद्वानों को दिए गए असीम संरक्षण के कारण विजयनगर के सम्राट कृष्णदेव राय को ‘आंध्रभोज’, ‘अभिनव भोज’ और ‘आंध्र पितामह’ की उपाधियों से सम्मानित किया गया था।
Q 89. विजयनगर के किस शासक को ”आन्ध्र पितामह” भी कहा जाता है?
( A ) देवराय I
( B ) देवराय II
( C ) कृष्णदेव राय
( D ) इनमें से कोई नहीं [ C ]
व्याख्या:— तेलुगू भाषा व साहित्य के अभूतपूर्व संवर्धन और विद्वानों के संरक्षक होने के कारण सम्राट कृष्णदेव राय को ‘आंध्र पितामह’ भी कहा जाता है।
Q 90. किसका शासनकाल ”तेलुगू साहित्य का क्लासिकी युग” माना जाता है?
( A ) राजराजा
( B ) देवराय I
( C ) देवराय II
( D ) कृष्णदेव राय [ D ]
व्याख्या:— कृष्णदेव राय का शासनकाल (1509–1529 ई.) तेलुगू साहित्य का स्वर्ण युग अथवा क्लासिकी युग कहा जाता है, क्योंकि इस दौर में अष्टदिग्गजों द्वारा तेलुगू के सर्वश्रेष्ठ ग्रंथों की रचना की गई थी।
Q 91. गीत गोविंद के रचयिता है ….
( A ) बाणभट्ट
( B ) जयदेव
( C ) सूरदास
( D ) चैतन्य [ B ]
( RRB 2002 )
व्याख्या:— ‘गीत गोविंद’ के रचयिता महाकवि जयदेव थे, जो बंगाल के सेन वंशीय शासक लक्ष्मण सेन के राजदरबारी कवि थे। इसमें भगवान कृष्ण और राधा के दिव्य प्रेम का वर्णन है।
Q 92. भक्ति आदोलन के दौरान असम में किसने इस आंदोलन का प्रतिनिधित्व किया ?
( A ) शंकरदेव
( B ) तुकाराम
( C ) नरसिंह मेहता
( D ) इनमें से कोई नहीं [ A ]
( RRB 2005 )
व्याख्या:— श्रीमंत शंकरदेव ने 15वीं-16वीं शताब्दी में असम और पूर्वोत्तर भारत में भक्ति आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने ‘एकशरण नाम धर्म’ चलाया और ‘सत्र’ (मठ) तथा ‘अंकिया नाट’ परंपरा की शुरुआत की।
Q 93. गुरु नानक का धर्म उपदेश है—
( A ) मानव बंधुत्व का
( B ) सिखों को लड़ाकू संगठन बनाने का
( C ) धर्म के रूप में सिखत्व का
( D ) सिखों की एकता का [ A ]
( RRB 2005 )
व्याख्या:— सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने एकेश्वरवाद, जाति-पांति के विरोध, सामाजिक समानता और सार्वभौमिक ‘मानव बंधुत्व’ (सभना जिया का इकु दाता) का मुख्य संदेश दिया था।
Q 94. निम्नलिखित में से किस भाषा को लोकप्रिय बनाने में कवि चंडीदास का योगदान है ?
( A ) बंगाली
( B ) हिन्दी
( C ) मराठी
( D ) गुजराती [ A ]
व्याख्या:— 14वीं-15वीं शताब्दी के प्रसिद्ध वैष्णव भक्त कवि चंडीदास ने राधा-कृष्ण के प्रेम पर आधारित सरल पदों की रचना करके बांग्ला भाषा और साहित्य को जन-जन में लोकप्रिय बनाया था।
Q 95. भक्ति को दार्शनिक आधार प्रदान करनेवाले प्रथम आचार्य थे—
( A ) रामानुज आचार्य
( B ) शंकराचार्य
( C ) मध्वाचार्य
( D ) वल्लभाचार्य [ A ]
व्याख्या:— 11वीं सदी के महान वैष्णव संत रामानुजाचार्य ने ‘विशिष्टाद्वैतवाद’ दर्शन का प्रतिपादन कर भक्ति मार्ग को वैदिक और दार्शनिक स्वीकृति व आधार प्रदान करने का सर्वप्रथम कार्य किया था।
Q 96. “महापुरुषीय धर्म” (एक शरण संप्रदाय) के संस्थापक थे
( A ) रामानुज आचार्य
( B ) चैतन्य महाप्रभु
( C ) शंकरदेव
( D ) वल्लभ आचार्य [ C ]
व्याख्या:— असम के महान समाज सुधारक और वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने केवल एक ईश्वर (भगवान विष्णु/कृष्ण) की शरण पर आधारित ‘महापुरुषीय धर्म’ (एकशरण संप्रदाय) की स्थापना की थी।
GK Questions in Hindi with Answers 2026
Q 97. भक्ति आंदोलन के प्रारंभिक प्रतिपादक थे—
( A ) रामानुज आचार्य
( B ) ज्ञानदेव / ज्ञानेश्वर
( C ) वल्लभ आचार्य
( D ) निम्बार्क आचार्य [ A ]
व्याख्या:— मध्यकालीन भक्ति आंदोलन की शुरुआत दक्षिण भारत में आलवार और नयनार संतों द्वारा हुई, जिसे दार्शनिक रूप में व्यवस्थित प्रतिपादित करने वाले प्रथम आचार्य रामानुजाचार्य थे।
Q 98. पंजाब में भक्ति आंदोलन के अग्रदूत थे—
( A ) नानक
( B ) अर्जुन देव
( C ) तेगबहादुर
( D ) गुरु गोविन्द सिंह [ A ]
व्याख्या:— पंजाब में भक्ति आंदोलन का बीजारोपण और नेतृत्व गुरु नानक देव जी (1469–1539 ई.) ने किया, जिन्होंने अंधविश्वासों और बाह्य आडंबरों का खंडन कर नाम-स्मरण का उपदेश दिया।
Q 99. भक्ति आंदोलन को दक्षिण भारत से लाकर उत्तर भारत तक प्रचारित करने का श्रेय किसे दिया जाता है?
( A ) शंकराचार्य
( B ) रामानुज
( C ) रामानंद
( D ) कबीर [ C ]
( UPPCS 2000 )
व्याख्या:— 14वीं शताब्दी के वैष्णव संत स्वामी रामानंद ने दक्षिण भारत में पनपे भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत में फैलाया। कहा भी गया है: “भक्ति द्राविड़ ऊपजी, लाये रामानंद”।
Q 100. महाराष्ट्र में भक्ति संप्रदाय निम्नलिखित में से किसकी शिक्षाओं द्वारा फैला था?
( A ) संत तुकाराम
( B ) संत ज्ञानेश्वर
( C ) समर्थ गुरु रामदास
( D ) चैतन्य महाप्रभु [ B ]
( SSC 2002 )
व्याख्या:— महाराष्ट्र में वारकरी संप्रदाय और भक्ति आंदोलन की आधारशिला 13वीं शताब्दी में संत ज्ञानेश्वर (ज्ञानदेव) ने रखी थी। उन्होंने भगवद्गीता पर ‘ज्ञानेश्वरी’ (भावार्थ दीपिका) टीका मराठी में लिखकर इसे जनसामान्य तक पहुँचाया।
निष्कर्ष
मध्यकालीन भारतीय इतिहास को समझकर पढ़ने से न केवल प्रश्नों के उत्तर देना आसान होता है, बल्कि ऐतिहासिक घटनाओं को याद रखना भी बेहतर हो जाता है। शुरुआत में रोजाना 10 से 15 प्रश्न हल करें और धीरे-धीरे अपनी गति तथा सटीकता बढ़ाने का प्रयास करें।
अब नीचे दिए गए मध्यकालीन भारतीय इतिहास के medieval indian history top 100 gk mcqs hindi को हल करें, उनकी व्याख्या ध्यान से पढ़ें और नियमित अभ्यास के जरिए अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं। लगातार अभ्यास और सही रिवीज़न से आप प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.
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